Friday, 23 March 2018

अधूरी कविताएँ - 5

दो बातें थी
कहना ना हो सका
ड्राफ्ट्स में पड़े-पड़े रो दी
खुद में प्यारी थीं
चिंगारी सी गर्म कहीं लेकिन
सच की आदत नहीं थी
चुप रहना गुण नहीं
हथियार था

हथियार कौन रखते हैं,
जानते हैं आप.

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