वे जो माँग लाये थे
कटोरी में बचपन
उछालकर फेंकते हैं
कालिख चाँद के मुँह पर
रोशनियाँ उन्हें पसंद नहीं
अपने ही मन में छिपे
खल पात्र को
छिपाने में सिद्धस्त लोगों की भीड़ में
आँखों में उतार देते हैं आँखें
जिनकी छाती दरक जाती है
सच सुनने से
उनके कानों में फूँकते हैं सच्चाई का सीसा
उनकी लम्बी अदृश्य पूंछ पर
पाँव रखते हैं बार बार
उनकी छटपटाहट पर पीटते हैं तालियाँ
ये दुनिया की सबसे खतरनाक क़ौम है
जो होरी की तरह गर्दन दबाये पैरों को नहीं सहलाती।
कटोरी में बचपन
उछालकर फेंकते हैं
कालिख चाँद के मुँह पर
रोशनियाँ उन्हें पसंद नहीं
अपने ही मन में छिपे
खल पात्र को
छिपाने में सिद्धस्त लोगों की भीड़ में
आँखों में उतार देते हैं आँखें
जिनकी छाती दरक जाती है
सच सुनने से
उनके कानों में फूँकते हैं सच्चाई का सीसा
उनकी लम्बी अदृश्य पूंछ पर
पाँव रखते हैं बार बार
उनकी छटपटाहट पर पीटते हैं तालियाँ
ये दुनिया की सबसे खतरनाक क़ौम है
जो होरी की तरह गर्दन दबाये पैरों को नहीं सहलाती।
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ReplyDeleteउनके कानों में फूँकते हैं सच्चाई का सीसा
ReplyDeleteउनकी लम्बी अदृश्य पूंछ पर
पाँव रखते हैं बार बार
उनकी छटपटाहट पर पीटते हैं तालियाँ
ये दुनिया की सबसे खतरनाक क़ौम है
जो होरी की तरह गर्दन दबाये पैरों को नहीं सहलाती।।
बहुत उम्दा _/\_
शुक्रिया !
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ReplyDeleteजी ये अन्वीक्ष का क्या अर्थ होता है।
ReplyDeleteMicroscop..सूक्ष्मदर्शी .
Deleteओह अच्छा! आभार आपका एक नए शब्द से परिचय कराने के लिए
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