एक खुशबू की तलाश में
सपने में सब बह जाता
या शायद सपना ही बह जाता
जिसमें प्रवेश या वापसी
कोई चुनाव नहीं
ऐसा बहुत कुछ था
इर्द-गिर्द
जिसे नहीं मिला समय या ध्यान
सबकुछ सोख लिया
बस एक सवाल ने
वो सवाल भी ठीक ठीक कहाँ पता था
वापसी
कभी भी, कहीं से भी हो सकती थी
वापसी कहीं नहीं हो सकती थी.
कोई ठिकाना नहीं था लौटने के लिए
सपने में सब बह जाता
या शायद सपना ही बह जाता
जिसमें प्रवेश या वापसी
कोई चुनाव नहीं
ऐसा बहुत कुछ था
इर्द-गिर्द
जिसे नहीं मिला समय या ध्यान
सबकुछ सोख लिया
बस एक सवाल ने
वो सवाल भी ठीक ठीक कहाँ पता था
वापसी
कभी भी, कहीं से भी हो सकती थी
वापसी कहीं नहीं हो सकती थी.
कोई ठिकाना नहीं था लौटने के लिए
सवाल था या उलझन
ReplyDeleteस्वप्न था ??
सवाल था या उलझन
ReplyDeleteस्वप्न था ??