Saturday, 25 November 2017

बच्चें अपराधी नहीं होते
जो होता है
वह दरअसल कुछ नहीं
उनका परिवेश है
जिसे हम ही ने रचा

विद्या की कसमें सच्ची थी
क़िताब में रखा पँख भी
सवाल थे बहुत
आँखें आकाश में

इतना हौव्वा सहमा देगा
बचपन को
मत चौंकिए
जिस भी ईश्वर को मानते हो
उसके लिए ही सही
पर इतना मत चौंकिए

चार साल का बच्चा
तमाम बहसों के बाद भी
एक बच्चा ही रहेगा।



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