Saturday, 2 January 2016

पहेलियाँ

परिदृश्य में बस कुछ बिखरापन

जमीं से उगते हैं 
आधा दर्ज़न हाथों के जोडें
कमरे की दीवारें कुछ और क़रीब खिसक आई हैं
सुराख़
फर्श पर ख़ून के धब्बे 
हर तरफ सीलन और भीगापन
छत के पंखें के पास कुछ चेहरे जैसा उभरता है
कुछ दोस्तों की हँसी गूँजती है
बंद पड़ा रेडियो अचानक बज उठता है
कमरे में दरवाज़ा कोई नहीं
तो अंदर हूँ कैसे ! 

पहेलियाँ !

Friday, 1 January 2016

How much Dowry are you worth!

Courtesy: Google
• इंजिनीयर है तो एक कार और 10 लाख कैश
• इकलौता बेटा प्लस इंजिनीयर है तो एक कार और 25 लाख कैश
• स्कूली मास्टर है तो एक कार या 5 लाख कैश से काम चला लिया जायेगा।
• इससे अलग फर्नीचर, टी वी , वाशिंग मशीन लत्ता-कपड़ा गहने तो आप समझते ही हैं।

यह भी दिलचस्प है कि दहेज़ की मात्रा लड़के की योग्यता पर घटती-बढ़ती है, लड़की की पढ़ाई-लिखाई यहाँ प्रभावहीन ही बनी रहती है।

मुझे याद है स्कूल में हम 'दहेज कुप्रथा' पर निबंध लिखा करते थे , ठीक वैसे ही जैसे 'पर्यावरण' विषय पर लिखते थे। अब उन निबंधों के बाद कितने नन्हें पौधे उगाए हमने यह खुद से पूछना चाहिए। कितनी लड़कियों ने खड़े होकर कहा कि ऐसा व्यापार मेरी शादी में नहीं चलेगा। कितने लड़कों ने कहा कि शादी में गिफ्ट्स-तोहफों के रूप में भी एक रुपया नहीं स्वीकारूँगा। लड़कियों की ज़िम्मेदारी क्या माता-पिता के इशारों से होते हुए स्टेज पर फोटोग्राफर के इशारे पर नथनी पकड़कर फोटो खिंचाने तक ही है !

दहेज़ निषेध अधिनियम,1961 के अनुसार दहेज लेने, देने या इसके लेन-देन में सहयोग करने पर 5 वर्ष की कैद और 15,000 रुपये के जुर्माने का  प्रावधान है। यह तो हुई कानून की बात ! श्रीलाल शुक्ल के शब्दों में 'कानून की तलवार से कानून की ढाल ही बचाती है'।

जहाँ एक ओर लड़कियों की उपलब्धि का पैमाना यह मान लिया गया कि उससे विवाह के लिए इंजिनीयर, डॉक्टर, वकील के प्रस्ताव आ रहे हैं वहीं दूसरी तरफ लड़कों की उपलब्धि है 25 लाख 30 लाख 40 लाख !
एक बात और, ये धनाढ्य लोग चाहे लड़की पक्ष से हो या लड़के पक्ष से अपनी हैसीयत से ख़ूब जोरदार व्यापार-खिलवाड़ करते हैं...पर गरीबी तो आज भी आग की लपटों में झुलस रही है। यह पढ़ी-लिखी आधुनिक नई पीढ़ी जो मुँह पर ताला लगाये नागिन डांस करती हुई झूम रही है ये हत्यारे हैं असल में! दहेज के नाम पर जलाई जाने वाली लड़कियों के हत्यारों के हाथों में इन्हीं लोगों ने तो केरोसिन और माचिस की तीली पकड़ाई है अपनी चुप्पी से।
गूगल से साभार


अब या तो विरोध कीजिए या हिसाब लगाइए- How much dowry are you worth !

रास्ते

मैं जहां भी गई  भागकर खुद से मेरे सपनों की किर्चें मेरे साथ गईं कहीं भी कभी भी चुभती हुई सी जैसे लंबा सफर तय करना हो पैदल और जूता पैर काटता ...