सबको बताओ कि क्या चाहिए
उनसे या खुद से
ज़रा मुस्कुरा के
थोड़ा गुनगुना के शायद
या नन्ही सी गिड़गिड़ाहट मिलाकर
पर ऐसे कहो
कि न कहना बचा रहे
रुको
थोड़ा सा और सोचो
अरे इतनी जल्दी नहीं रे
ज़रा हिम्मत और
ना समझने दो
फ़र्क़ नहीं पड़ा?
पड़ना ही नहीं था
बस कहना ज़रूरी था
मौक़ा जो खुद को दिया
उनके नाम पर
तस्वीरों में तलुए थे
कैसे जानोगे
जब देखोगे ही नहीं तो
देखो
धुँधली आँखों से ही सही
पोंछों अब ये भाप
नज़र साफ़ करो
क्या दिखा
बेवकूफियाँ और नादानियाँ ही ना
यही तो बचाना तय था
चलो अब मुस्कुराओ।
उनसे या खुद से
ज़रा मुस्कुरा के
थोड़ा गुनगुना के शायद
या नन्ही सी गिड़गिड़ाहट मिलाकर
पर ऐसे कहो
कि न कहना बचा रहे
रुको
थोड़ा सा और सोचो
अरे इतनी जल्दी नहीं रे
ज़रा हिम्मत और
ना समझने दो
फ़र्क़ नहीं पड़ा?
पड़ना ही नहीं था
बस कहना ज़रूरी था
मौक़ा जो खुद को दिया
उनके नाम पर
तस्वीरों में तलुए थे
कैसे जानोगे
जब देखोगे ही नहीं तो
देखो
धुँधली आँखों से ही सही
पोंछों अब ये भाप
नज़र साफ़ करो
क्या दिखा
बेवकूफियाँ और नादानियाँ ही ना
यही तो बचाना तय था
चलो अब मुस्कुराओ।
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