आसमान तब गिरता है
जब हम माँगते हैं
जो मिला नहीं हमें
धरती तब खिसकती है
जब हम छोड़ देते हैं माँगना
उगते हैं हम
अँधेरों में
जब सीख जाते हैं उसमें जीना
और देखना..
पहाड़ों को उठाना
समंदर को पी जाना
वक़्त की बात है
पुराने कैलेंडर बदलना मग़र
बहुत ज़रूरी बात है...
जब हम माँगते हैं
जो मिला नहीं हमें
धरती तब खिसकती है
जब हम छोड़ देते हैं माँगना
उगते हैं हम
अँधेरों में
जब सीख जाते हैं उसमें जीना
और देखना..
पहाड़ों को उठाना
समंदर को पी जाना
वक़्त की बात है
पुराने कैलेंडर बदलना मग़र
बहुत ज़रूरी बात है...