Wednesday, 12 June 2013

. . .झुककर ना गुज़रना पड़े

सब कुछ छोटा है
छोटा दरवाज़ा
छोटी खिड़की
छोटा आदमी
छोटी सोच
कब होगा सब बड़ा
इतना बड़ा
जिसमें से
झुककर ना गुज़रना पड़े। 

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