अनंत काल तक एक परछाई भटकेगी
हमारे संयुक्त पछतावों की परछाई
एक अर्थ हो सकता था प्यार का
एक दुनिया तोड़कर एक और दुनिया बनाई अपने आस-पास
अपने लिए
बना पाते एक दुनिया
एक-दूसरे के लिए भी
जहाँ आँसू भी खिल्ली उड़ाते हों
वहाँ डर ख़ुद-ब-ख़ुद चला आता है
अपने होने की तमाम जगहों को कम किया
अपने होने को कुछ और घटाया
जुड़े हुए हाथ अब तलक़ सलामत थे
बस प्रार्थनाएँ घायल हो चुकी थीं
खुशियों में खुशी ढूँढ़ी तो याद आया
आज छुट्टी थी,
ख़ैर !
हमारे संयुक्त पछतावों की परछाई
एक अर्थ हो सकता था प्यार का
एक दुनिया तोड़कर एक और दुनिया बनाई अपने आस-पास
अपने लिए
बना पाते एक दुनिया
एक-दूसरे के लिए भी
जहाँ आँसू भी खिल्ली उड़ाते हों
वहाँ डर ख़ुद-ब-ख़ुद चला आता है
अपने होने की तमाम जगहों को कम किया
अपने होने को कुछ और घटाया
जुड़े हुए हाथ अब तलक़ सलामत थे
बस प्रार्थनाएँ घायल हो चुकी थीं
खुशियों में खुशी ढूँढ़ी तो याद आया
आज छुट्टी थी,
ख़ैर !
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