एक चित्र बनाऊं
जो हो नंगा पूरी तरह
पारदर्शी
लोग कहते हैं
नंगे को और कितना नंगा दिखाओगे भला
पारदर्शिता के लिए चुनूँ कौनसा रंग
जो ना हो पानी का
या शीशे का
जो हो रंग सच्चा
काला
जो लिखूँ
तो बोले हर वो पत्थर
जिस पर पाँव पड़ा
मुड़ा , छिला, गिरा और संभला
एक शब्द चित्र।
जो हो नंगा पूरी तरह
पारदर्शी
लोग कहते हैं
नंगे को और कितना नंगा दिखाओगे भला
पारदर्शिता के लिए चुनूँ कौनसा रंग
जो ना हो पानी का
या शीशे का
जो हो रंग सच्चा
काला
जो लिखूँ
तो बोले हर वो पत्थर
जिस पर पाँव पड़ा
मुड़ा , छिला, गिरा और संभला
एक शब्द चित्र।
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