तस्वीरें कभी ना बदलें
जब वक़्त बदले दीवारें
चले जाने के बहुत करीब आकर ठहर जाना
जब भी बहे वक़्त
टूटकर ना गिरे कांच
फ़रेब हैं आँखें
ज़हर हँसी
भँवर एक उँगली
वो उंगली तुम
ज़बान पलटकर हलक में
थूकती खून रोज़
बाहर आते शब्द झूठे
वो झूठ मैं
प्यार कहने से पहले रूकती हुई साँस।
ज़हर हँसी
भँवर एक उँगली
वो उंगली तुम
ज़बान पलटकर हलक में
थूकती खून रोज़
बाहर आते शब्द झूठे
वो झूठ मैं
प्यार कहने से पहले रूकती हुई साँस।
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